Y your_rohit en July 23, 2025 मेरी आँखों से बड़े मेरे ख़्वाब नहीं थे , ये लेन देन के बड़े बड़े हिसाब नहीं थे… मेरी आँखों से बड़े मेरे ख़्वाब नहीं थे , ये लेन देन के बड़े बड़े हिसाब नहीं थे , सीख लिया है अब हर रोज़ सूरत बदलना , बचपन में चेहरे पर इतने नक़ाब नहीं थे ।©your_rohit