मेरी आंखों से मुझे सब मेरे करिबी दिखाई देते हैं।
मेरी आंखों से मुझे सब मेरे करिबी दिखाई देते हैं
उनमें भी मुझ जैसा ही ग़रीबी दिखाई देते हैं
न जाने खुदा ने कैसी बरकत दी है उन अमीरों को
मेरी नज़रों में तो वो सब फ़रेबी दिखाई देते हैं
जबसे लगाएं है बंदिश मयकदों पर सियासतदानों ने
हर गली,हर मुहल्ले,हर कस्बे में शराबी दिखाई देते हैं
हर ज़ख़्म पाल रहा हैं हर दर्द सह रहा है फिर भी
पिता के दिल में औलाद के भविष्य की बेताबी दिखाई देते हैं
तुम क्या सोंचता है और क्या लिखता है अनुराग
मुझे तो तेरे चश्मे के नंबर में कुछ खराबी दिखाई देते हैं।