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मेरी माँ....!!😊

मां का नाम लिखकर एक ग़ज़ल बना रहा हूँ मैं,
हां एक असल खुदा की शक़ल बना रहा हूं मैं।
उसने उपवास रखा है मेरे लिए कई बार,
उसी के हिस्से की बची रोटियां खा रहा हूं मैं।।
©rohittiwar