जब चिड़ियों की आवाज ने
पूरे शरीर को जीवंतता प्रदान की
दरवाज़ा खोला तो
अमृत की बूंदाबून्दी ने इक नई जीवंतता प्रदान की
फिर क्या मैं दौरा इक नई जीवंत छन के लिए
कुछ ही पलों में
बूंदो की आगोस में
सब मंजर मिट चुके थे
अब मैं ना रहा बस बूंदे और बूंदे
पर अचानक बिजली की गर्जन और चमक ने
इस मैं को फिर से अलग कर दिया
इस नजारा ने
ये बतलाया कि
तेरे और उस परम के बीच
बस तुच्छ सी मोह माया ने
इस मिलन की छोटी सी रास्ते को
और भी दूर कर दिया।
ये ज्ञान और अज्ञान
ध्यान और बिखराब
की उचित संदेश दे गई।
©cherry9801
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