V vikasgarg en July 23, 2025 मगर बहुत कोशिश की मगर न भुला पाया मैं तुझको,याद तुम्हारी सताती रही, चैन भी न आया मुझको,सोते वक़्त भी चेहरा सामने नज़र आए,क्या मिल जायेगा मुझको प्यार मेरा,बस यही सोचते सोचते रात गुज़र जाये…🌹🌹🌹©vikasgarg