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Migrant child's मन

"भूखें थे तो पता चला
सपने कितने जरूरी है
अनगिनत देशों कि मेहमान-नवाजी
से मन भर गया साहब ,
पेट का क्या है उसे तो आदत है जिद करने की।"
©aaftab786