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मिलेंगे -milenge

एक न एक दिन जरूर मिलेंगे ,
कोशिश रही तो हर रोज मिलेंगे ।
हो मुकम्मल कुछ भी ,तुझपे ऐतबार करेंगे,
ना मिली तू हमको, तो भी प्यार करेंगे ।
थामा जो दामन ,किसी और का तूने तो ,
किसका ऐतबार करेंगे ।
फिर भी गुजरे लम्हों से प्यार करेंगे ,
मौत मुकम्मल हैं साहिबा, एक न एक दिन ,
थम गई अगर सांसे ,तो खुदा के घर मिलेंगे ।
एक न एक दिन जरूर मिलेंगे ,
कोशिश रही तो हर रोज मिलेंगे ।
©sandeepgup