A

मिलता नहीं शूकून..

एक पल को भी
मिलता नहीं शूकून.......
ये जिंदगी की ख्वाहिशें
फरमाईशें नुमाईशें
रोज करती रहती आजमाईशें
पीती रहती है हरदम खून..........
दर्द देती है दे जाती है खुशियां
आंसू के संग होती है हंसिया
आगे बढते कदम ढिढकते
पढ नहीं पाता जिंदगी तेरा मजमून......
हजार राहों से चलकर देखा
वफा से जफा का सफर भी देखा
जैसी तेरी दिसम्बर की सर्दी
वैसी हीं तेरी लगती गर्मी की जून.......
हम साथ हैं तेरे हर रूत में
वर्तमान भविष्या या जैसे भूत में
जो भी दोगे स्वीकार सहर्ष मुझे
कांटे हों या फिर खिले प्रसून.......
जीवन मेरा तेरी माया
सावन हो या पतझड साया
मन का आंगन भरा हो सुख से
बस दिल में रहता यही जूनून.......
©abhidilse