भले ही आज आप हमारे सामने नहीं हो लेकिन हमारे दिल में हो।
कुछ दिन और ठहर जाते,
यू ना अचानक जाते,
किसका नाम लेकर अब घर आए,
अपनी बच्चों को अकेला ना कर जाते,
तेरे गुस्से भरे लहजे को भी तरसा हूँ बहुत,
अपनी आवाज कुछ तो सुनाओ,
तुम जो थे, था ना कोई करीब दर्द मेरे,
मुझको पहले अकेले रहना सीखाओ,
राह तेरी तकता रहेगा दिल उम्र भर वर्ना,
दिल नहीं मान रहा दिल को यकीन दिलाओ,
अगर अब फैसला यही है कुदरत का,
तो मुझको भी साथ ले जाओ,
कुछ दिन और ठहर जाते,
यू ना अचानक जाते
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©vikasgarg
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