हर.खामोश व्यक्ति की आँखों से,
टपकती बूँदो का राज इस्क नहीं होता,
गरीबी भी इन्सान को खामोश कर देती हैं ।
लाकडाउन का सफर है यारों.. ,
दो वक्त़ का भोजन करने वालों को ,
.एक वक्त़ के लिये मजबूर कर देती है
जब कोई व्यवस्था नहीं होती
शहर छोडऩे पर मजबूर कर देती है ।
खुद बा खुद आँखें भर
शिशकिया लेने पर मजबूर कर देती है ।
©sandeepgup
S