मन करता है तुझे एक चिट्ठी लिखू।
मन करता है कि तुझे एक चिट्ठी लिखूँ
उस चिट्ठी में सबसे ऊपर तुम्हें "प्रिय" लिखूँ
हाँ बीच में तेरा हाल पूछूँ और अपना हाल बताऊँ
तेरे लौटने का समय पूछूँ और अपनी सारी शिकायतें लिखूँ
अंत में खुद को तुम्हारी और केवल तुम्हारी लिखूँ
हाँ मन करता है तुम्हें एक चिट्ठी लिखूँ
खुद तो आ नहीं सकती, उसमें अपनी ढेर सारी तस्वीरें भेजूँ
हर तस्वीर में मेरी हर अदा, हर आहट और तेरी याद को भेजूँ
खुशनुमा सहर से लेकर शाम की लालिमा भेजूँ
चाँदनी रात में तारों संग तेरी बातें भेजूँ
आकाश में तारों से लिखा तेरा नाम भेजूँ
मन करता है तुझे एक चिट्ठी लिखूँ
तेरे बिना तेरे साथ बिताया हर मौसम भेजूँ
गर्म दोपहरी में ठंडा आँचल भेजूँ
सर्द रातों में गरम कंबल भेजूँ
और शाम की अदरक वाली चाय भेजूँ
बारिश में तेरे साथ चलते हुए एक छाता भेजूँ
बसंत में आने वाली बहार भेजूँ
सावन की पहली फुहार भेजूँ
मन करता है तुझे एक चिट्ठी लिखूँ
उसमें तेरे लिए मेरी रसोई के सारे स्वाद भेजूँ
तेरी तबीयत का ख्याल रखे ऐसे कई नुस्खे भेजूँ
तेरे साथ रसोई में सब्जियाँ साफ करना भेजूँ
तुझे सोचकर तेरी पसंद का बनाया खाना भेजूँ
तेरे बिना तेरे साथ खाया हर एक निवाला भेजूँ
मन करता है तुझे एक चिट्ठी लिखूँ
उसमें तेरे बिना अकेले मनाए सारे त्योहार भेजूँ
तेरे इंतज़ार में दरवाज़ा देखती निगाहें भेजूँ
तेरा हाल पूछते तेरे सारे रिश्तेदार भेजूँ
मेरे दिल में आ रहे सारे सवालात भेजूँ
तेरी सलामती में की सारी दुआएँ भेजूँ
मन करता है तुझे एक चिट्ठी लिखूँ
उसमें अपनी सारी परवाह भेजूँ
तेरी याद में रोती हुई अपनी आँखें भेजूँ
तेरे लिए मद्दम धड़कता दिल भेजूँ
तेरी खुशबू को तरसती मेरी हर साँस भेजूँ
तेरी अनदेखी छुअन का एहसास भेजूँ
मन करता है तुझे एक चिट्ठी लिखूँ
हाँ लिखूँ
Ink&Emotions
I