जिंदगी की दौड़ में हर कोई दौड़ रहा है,
मंदी का ये दौर कितनों को तोड़ रहा है,
मंदी की यह दौड़ पता नहीं कब तक चलेगी,
पता नहीं मंदी की आग में कितनी दुनिया जलेगी,
कब, कैसे हुई शुरू ये मंदी की दौड़,
पता नहीं कब खत्म होगी ये दौड़,
©vicky
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