मंजिल की है फिक्र कहां
बस हौसला रखना है बरकरार
आज नहीं तो कल देखना
मंजिल मिल हीं जाएगी सरकार
हम सपने देखते हीं नहीं
सपने जिया भी करते हैं
रब की मर्जी रब हीं जानें
अंगारों पर भी चलते हैं
जीने मरने के जीवन में
कुछ हौसलों की रखते दरकार
आज नहीं तो कल देखना
मंजिल मिल जाएगी सरकार
लोग क्या कहते..क्या कहेंगे
इन सब से ऊपर सोंच रहे
जीवन की हर अभिलाषा को
अपने हौसलों से तौल रहे
रब की रहमत बस मिलती रहे
और किसी का करते नहीं इंतजार
आज नहीं तो कल देखना
मंजिल मिल जाएगी सरकार
©abhidilse
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