लिखती हूँ कुछ बेफिक्री कि ये
बरबादियां,
तल्लीन होकर जज्बातों कि
ये नादानियां,
आदतों के शरबतो में सतरंग सी
ये मनमानियाँ,
मंदिर मस्जिद में भी समसान
कि ये कहानियाँ,
धर्म के इन आडंबरों में भी अपने दोस्तों
कि कारस्तानियां,
इन कम्बख्तों के सच्चे दाव कि
कुछ मासुमियत भरी लडाईयां,
लाजमी है खवाहिश ओर सपने देखना
भगवान पूरी भी कर देना इन नालायकों
कि मनमानियाँ।।।
##happy new year friends##. ❤😘..
©dipi7102
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