मोहब्बत का तो एहसास नहीं हमको,
तन्हाइयों ने हमें संभाला है।
हर दर्द दुनिया का बना मेरा निवाला है,
तुम्हें खुशियों ने तो हमें गम ने पाला है।।
तेरी आगोश में निकले दम मेरा,
पहली और आखरी यही चाहत है।
तू खुश रहे सदा दुआ है मेरी,
मैं आइना हूं मुझे टूटने की आदत हूं।।
जीवन में अपने प्यार ढूंढता हूं,
जीने के लिए संसार ढूंढता हूं ।
रुलाया जिसने जिंदगी भर हमको,
ना जाने क्यों उसे बार-बार ढूंढता हूं।।
चाह कर भी दूर नहीं जा पाता हूं ,
आइना हूं बार-बार टूट जाता हूं ।
ऐ पत्थर मारने वाले जालिम ,
हर टुकड़े में तेरी तस्वीर पाता हूं।
©maahisingh
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