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Mothers Day Special

/ करो वंदना माताकी //
करो वन्दना माता की, माँ से सब कुछ आया है।
माता तेरे चरण तीर्थ में, स्वर्ग सभी ने पाया है।।
आत्मसात कर कष्टों को, सुख ही सदा लुटाया है।
स्वयं हलाहल पीकर हमको, अमृतपान कराया है।।
गुरु, ईश से बढ़कर तू, तुझमे ही सब समाया है l
करो वन्दना माता की ............
पाया जीवन तुमसे ही, तुमने ही इसे संवारा है।
ममता, प्यार से सींचा है , दिया सदा सहारा है।
रोम - रोम में रग-रग में, नाम तुम्हारा छाया है,
करो वन्दना माता की ............
श्रद्धा, ममता, और प्यार की, मूरत तुमको पाया है।
हर प्राणी की काया में, तुमको ही धड़कता पाया है।
माता तेरे आंचल में, काशी, कावा हमने पाया है।
करो वन्दना माता की...............
मैं बूंद तुम समुंदर, मैं दीपक तुम हो वाती माँ।
विन तेरे वजूद न मेरा ,पेड़ से टूटी डाल हूँ माँ।
मेरे कलुषित जीवन को, तुमने ही दमकाया है।
करो वन्दना माता की,...............
नाज करें किन बातों पर, किस काम पे हम यूं मान करें।
क्या है हमारा दुनिया में, जिस पर हम अभिमान करें।
तन ये मेरा , जीवन सारा, सब कुछ तुमसे पाया है।
करो वन्दना माता की.................
सारे रिश्ते स्वार्थ भरे, नहिं कोई किसी का होता है।
संघर्ष भरे इस जीवन में, तेरा ही सहारा होता है।
एक हकीकत तू ही माँ, बांकी सब तो माया है,
करो वन्दना माता की, माँ से सब कुछ आया है।
माता तेरे चरण तीर्थ में, स्वर्ग सभी ने पाया है।।
~~~ Er. Shivendra Sharma
Ujjain (M. P.)
©s.k.sharma