मरना ही है तो सजदा क्यूँ करें हम
नंगों के शहर में परदा क्यूँ करें हम ।
जब पहले से बने रिश्तों की अहमियत नहीं
फिर कोई दुसरा रिश्ता पैदा क्यूँ करें हम ।
आप मेरे मुस्तकिल पर खरा नहीं उतरते
ढोंग भरा ये प्यार अदा क्यूँ करें हम ।
सामने है कई मुश्किलात मेरे जिवन में
आपको शामिल होने की सदा क्यूँ करें हम ।
अनुराग को छोड़ खुश हो किसी और के साथ
अब तुझे दिल में और ज्यादा क्यूँ करें हम।
©anuragrahi
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