मुझे एक कहानी लिखनी है
एक कहानी लिखना चाहती हूँ मैं,
उस कहानी के सबसे आखिर में
अपना नाम तेरे नाम के साथ लिखना चाहती हूँ मैं।
उस कहानी में लिखूँगी कि
मेरा एक और जन्म हो,
जो केवल तेरी दुनिया में हो,
सिर्फ तेरे लिए हो।
उस कहानी में
बस तेरे लिए जीना चाहती हूँ,
तुझे अपना बनाना चाहती हूँ,
जहाँ तुझे खोने का कोई डर न हो,
जहाँ तू हर लम्हा मेरे संग हो।
उस कहानी में
जीवन के बेहतरीन पल
बस तेरे साथ गुज़ारना चाहती हूँ।
लोगों से छिपकर नहीं,
खुले आम तुझसे मिलना चाहती हूँ।
वहाँ उस कहानी में
तू मुझे अपने सबसे क़रीब पाएगा,
हवा का एक कतरा भी
हमारे बीच न आ पाएगा।
जहाँ सिर्फ़ बेइंतहा मोहब्बत होगी,
मेरी हर रात और हर सुबह
बस तेरी होगी।
मेरी दुनिया और तेरी दुनिया
एक दूजे कि दुनिया से अलग न हो,
जहाँ तेरे प्यार पर
सिर्फ और सिर्फ मेरा हक़ हो।
तेरी हर मुस्कान,
तेरी हर बात, हर शब्द, हर करवट
देखनी है मुझे।
कौन-सा रंग तुझ पर
सबसे ज़्यादा खिलता है,
उसी रंग की साड़ी
पहननी है मुझे।
तेरी जेब में रखे रुमाल पर
अपने हाथों से तेरा नाम लिखना है,
और उस कहानी में
तेरे दिल पर
मेरे नाम का एक छोटा सा टैटू बनवाना है।
मैं लिखूँगी एक ऐसी कहानी
जिसमें तेरे इंतज़ार पर
हक़ मेरा होगा,
और तुझे हर निवाला
खिलाने वाला हाथ भी मेरा होगा।
तेरी हर फ़रमाइश
मुझे पूरी करनी है,
जो तुझे पसंद हो
रोज़ खाने मे बस वही चीज बनानी है।
मेरे बालों में गजरा
तेरे हाथों से लगवाना है,
और तैयार होकर
सबसे पहले तुझे ही दिखाना है।
जब बीमार हो जाऊँ
तो दवा भी तेरे हाथों से खानी है,
और जब तू मेरे सिरहाने बैठे
तो चेहरे पर मुस्कान आ जानी है।
तेरे घर की नेम प्लेट पर
नाम अपना लिखवाना है,
शादी का कार्ड भी
तेरे साथ छपवाना है।
तेरी शर्ट के टूटे बटन
मुझे ही टाँकने हैं,
तेरे मोज़ों की जोड़ियाँ
संभालकर रखनी हैं।
जाना…
तेरे लिए एक ऐसी कहानी लिखनी है,
जहाँ बस तू हो, मैं हूँ
और कोई हमें जुदा न करे।
जहाँ बस प्यार हो…
और वो जीवन भर
बढ़ता ही रहे।
-शिवन्या
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