⭐️माना हवाऐ सरद है इस जहान की,
मुझे ओस बनकर पत्तों पर सिकुड़ने तो दे,
तू गिरने की चिंता करता है,
मुझे चढ़ने तो दे!!
⭐️ क्या पता मेरा हौसला तेरे डर से बड़ा हो,
मुझे एक दफा मुसीबत में पढ़ने तो दे,
तू हारने की चिंता करता है,
मुझे लड़ने तो दे!!
⭐️यह दुनिया पर्वत समाए बैठी है,
मेरा पहला कदम बढ़ने तो दे,
तू थकने की चिंता करता है,
मुझे चढ़ने तो दे!!
⭐️ इस दुनिया के सारे जहर को हंसकर पी लूंगी,
बस शर्त एक प्याला भरने तो दे,
तू अपनी मर्जी की जिंदगी जीता है ना,
मुझे मेरी मर्जी से मरने तो दे!!😇
©snehakalra
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