है एक शक्श जो मुझे मेरे जन्म के 9 महीने पहले से जानती है…
शुक्र है कोई तो है जो मुझे मुझसे ज्यादा पहचानती है
मां हे वो !!
और मां तो हंसी के पीछे छुपे आंसूओं तक को चंद मिनटों में पहचानती है ..
हैं कोई शक्श जो मुझे मुझसे ज्यादा जानती है !
एक मां ही है जो इस मतलबी दुनिया में निस्वार्थ वजूद हमारा बनाती है
हमे अपने हाथों से खिलाती है पिलाती है न खाने पर डांट तक भी लगातीं है लेकिन कभी कभार हमें खिलाकर खुद भुखी तक सो जाती हैं !
है एक शक्श जो मुझे मुझसे ज्यादा जानती है.....
# Monika Gulia
©monika
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