V vikasgarg en July 23, 2025 मुकाम चाहत की राहों में अरमान बहुत हैं, हम उसकी यादों में परेशान बहुत हैं, हर बार दिल तोड़ कर यह कह देते हैं कि, मेरी उम्मीदों की दुनिया में अभी मुकाम बहुत हैं|विकास गर्ग©vicky