C candor en July 23, 2025 मुसाफिर धरती का हूँ मैं मुसाफिर, जन्म से ना हूँ मैं कामिल;सीखने को निकल चला मैं, शागिर्द हर किसी का बन चला मैं;बाद इसके मुख्तालिफ लोगो में शुमार हो चला मैंऔर मुकम्मल होने की चाह में बर्बाद हो चला मैं;©candor