S shivatomar en July 23, 2025 मुस्कुराहट जब मैने देखा उस हुस्न की हूर को , चमकते हुए कोहिनूर नूर को।जब नजर उससे टकराई लवों से कुछ न बोली वो , मंद मंद मुस्काई ।ऐसा लगा जैसे बहारों से फिदा शरमाई । ©shivatomar