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मुस्कुराहट

जब मैने देखा उस हुस्न की हूर को ,

चमकते हुए कोहिनूर नूर को।
जब नजर उससे टकराई
लवों से कुछ न बोली वो , मंद मंद मुस्काई ।
ऐसा लगा जैसे बहारों से फिदा शरमाई ।

©shivatomar