न मैं हिरण्यकश्यप न तू प्रहलाद है।
ना मैं हिरण्यकश्यप न तू प्रहलाद है
तुम एक लाचार बाप का औलाद है
जकड़ गया हूं जिम्मेवारियों के बेड़े में
वगरना मेरे खूं में भी वही फ़ौलाद है
नृत्य कर रही असफलताएं चहू ओर
ग़म जिंदगी में बहुत शादाब हैं
सब देखें नित्य नया सवेरा
मेरे जीवन में नहीं कोई महताब है
एक नया आश पर तो अब तक जी रहा
बेशक अनुराग हो गया कब का बर्बाद है।