Y

ना रूठना तुम क़भी.....!!

ना रूठना तूम हमसे कभी,
हमें तो मनाना भी नहीं आता…
चाहत कितनी है तुम्हारे लिये दिल में,
हमें तो यह बताना भी नहीं आता…
इन्तेजार करते है तुमसे कब मिले,
तुमसे मिलने का कोई बहाना भी नहीं आता…
©rohit123