L

ना तो तुम बदले हो ना तुमने अपनी आदतें बदली हैं

ना तुम बदले हो ना तुमने अपनी आदतें बदली है
मैंने अपने जीवन जीने का तरीका बदला है बस
तुम्हारे साथ चलने पर जीवन को सुकून मिलता है
और मैंने अपनी आदतों को तुम पर थोपना क्यों
आदतो ने तुम्हारी मुझे हर वो जीने का सलीक़ा दिया
दोनों कुछ साथ चलने की आदत सी बन गई है मेरी
तुम्हारे आने से मेरे जीवन की खुशियां अनंत है और मैं
तुम्हारे साथ चलने को ताउम्र आदत को बदल लूंगा
अब तुम नहीं हम हैं और हम लोगों की परिवार है
मुझे बदलना है अपनी आदतों को तुम्हारी जैसी
तुम नदी हो आंगन की ओजस ए प्रांजश तीर हैं खुशी
एक संघर्ष की कहानी क्या होता है तो दूसरा संघर्षशील
©lawnishtha