V vikasgarg en July 23, 2025 नादान थे हम पत्थरों से प्यार किया नादान थे हम,गलती हुई क्योकि इंसान थे हम,आज जिन्हें नज़रें मिलाने में तकलीफ होती हैं,कभी उसी सक्श की जान थे हम.🌹🌹🌹©vikasgarg