नाराज क्यों हु मुझे पता नही
खुद को छोड़ दूसरों पर यकीन
शायद यही मेरी खता रही
आज से मैं भी मतलबी बनूगा
सबके लिए मैं अजनवी रहूँगा
सबसे दूरी रहेगी तो खमोश रहूँगा
राधे राधे, good morning बस इससे ज्यादा
मैं और कुछ नहीं कहूँगा
नाराज क्यों हु मुझे पता नही
खुद को छोड़ दूसरों पर यकीन
शायद यही मेरी खता रही
©writer_srj
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