नारी शक्ति, नारी भक्ति
नारी सृष्टि, नारी दृष्टि
आँगन की तुलसी है नारी
पूजा की कलसी है नारी
नेह-प्यार, श्रद्धा है नारी
बेटी, पत्नी, माँ है नारी
नारी के इस विविध रूप को,
आँगन में खिल जाने दो,
खिलने दो ख़ुशबू पहचानो,
कलियों को मुसकाने दो
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©vikasgarg
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