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New Intership!!!

बहुत कुछ सीखना है तुम्हारी गुमशुदगी को लेकर
बहुत कुछ सीख लिया है इन मुख्तलिफ चेहरों से मैंने,,,२
इस बेरोजगारी के मंज़र में
बहुत सी काबिलियत बेकार हो गई,,
अब बस तुम्हारा अकीदतमंद बन,, नए हुनर हैं सीखने ।
तलाश जारी हैं तुम्हारी ,कहां मिलोगे?,,,२
जो क़िताबें लिखीं हैं तुमने उसे मैं अकेले नहीं समझ सकता
बहुत कमजोर हूं सवाल सुलझाने में मैं,,,२
इसलिए तुम्हें कुछ वक्त तो मेरे साथ रहना ही होगा।
पता है तुम्हें ,जो फिक्र कर तुमने मेरे लिए
बहुत से उस्तादों को भेजा था,,२
वो तुम्हारा डर दिखा बच्चों से मजदूरी कराते हैं,,,२
सीखाना तो दूर वो तुम्हारे नाम से
हमें डरा ,अपनी मिल्कियत चलाते हैं।
मिल्कियत भी इतनी बड़ी कि
वो ज़मीन से अब देश बना रहे हैं
तुम्हारी किताबों को अलग रख
अपनी सोच वो हमें पढ़ा रहे हैं।
अब आ भी जाना चाहिए तुम्हें अब
तुम्हारा शागिर्द बनकर ही मैं नए हुनर सीख पाऊंगा
डर तो लगता है अपनी बेरोजगारी से अब
पर उन डरावने उस्तादों के पास मैं अब कभी न जाऊंगा।
©aaftab1995
©aaftab786