V

नई शुरुआत

करते हैं लोग साथ चलने की बात,
जब तक होती रहती नोटों की बरसात,
रूक जाती गर नोटों की बरसात,
दिखा देता हर कोई अपनी औकात,
मतलब के लिए करते मुलाकात,
वरना कौन पूछता किसी की जात,
किस्मत जब देने लगती हर जगह मात,
दिन भी तब लगने लगते रात,
बिगड़ जाए गर कभी हालात,
केवल भगवान देता साथ,
जब वक्त देने लगे आघात,
दिखाई दे सिर्फ मात,
तो याद रखना दो बात,
चुपचाप सो जाओ या तो खाकर दाल-भात,
या फिर,
लेकर भगवान का नाम, कर दो नई शुरुआत.
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©vicky