S

नसिहत

मैं जोर जोर से बोलकर भी कुछ कह नहीं पाता,
वो चुप रहकर भी बहुत कुछ कह जाती है।
मै आईना बनाकर भी आईना देख नहीं पाता,
वो अक्सर मुझे आईना दिखा जाती है।
©anuragrahi