मै अपने दर्द को बयान नही कर सकता
में तो इस हाल में हु अभी चाह कर भी मर नही सकता
केसे बेर करू सपनो से ओर अपनो से
में चाहै तो भी वार कर नही सकता
पूरी सिद्दत से मुद्दत है कोई मेरे भी जख्मो का इलाज करे
ये जख्म ऐसे है जो वक्त के साथ भर नही सकता
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