ऊंची ऊंची बिल्डिंगे रहने को घर नहीं,
इतने सारे रास्ते चलने को डगर नहीं,
रोटी की ना बात कर पानी बिकता यहां,
सारी धरती बिक चुकी बेच रहा आसमां,
पैसा जिसका बाप पैसा ही भगवान है,
पैसे के पीछे भाग रहा इंसान है,
सोने चांदी के ऊपर बनी हुई है बस्तियाँ,
बड़े-बड़े कुचों में रहती है बड़ी हस्तियां
विकास गर्ग
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