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फौजी के जज्बात

किसी से नहीं प्यार मुझे ,बस वतन से जज्बात जुड़ा है
बनके फौजी , कफन मैंने सिर पर बांध लिया है।
मिट गए अगर अब इस धरती की शान में तो भी कोई गम नहीं होगा।
मरते दम तक यह हौसला कम नहीं होग।
©vibhasingh