फिर ऐसा दौर ना आए,
मैं करू इंतजार उसका मंदिरो में आहे भर भर कर
नम आँखों से वो आये l
लगा गले मन को बहलाये,
सिसक सिसक कर वो रह जाये
मन में एक हल चल रह जायेl
विरक्त हृदय मेरा उसको समझ ना आये ,
दिल की बात किसी से कह ना पाए ,
हर दिन मौत सा अब लग न पाए,
फिर ऐसा दौर ना आये l
©sgupta
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