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फरेब इश्क़।। उनकी यादें #9

देखा तेरी सूरत, हमने दिल दे बैठा।
इश्क़ तूने भी किया था, फिर ये खेल कैसा,
फ़ना किया भी तो कैसा, कोई पहाड़ ढह गया हो मेरे दिल पे जैसा।
फरेब किया भी तो कैसा, भरोसा उठ गया हो इश्क़ पे से जैसा।।
©sochamit