पिपल की छांव प्यारा सा गांव छुट गया
दोस्तों का ठांव कौवों का कांव कांव छुट गया
जिंदगी बनाने को आया था मैं शहर में
जिंदगी तो मां के पांव तले छुट गया।पिपल की छांव प्यारा सा गांव छुट गया
दोस्तों का ठांव कौवों का कांव कांव छुट गया
जिंदगी बनाने को आया था मैं शहर में
जिंदगी तो मां के पांव तले छुट गया।