सपना उसने एक देखा
तुम सपना पूरा करने से कतराते हो
जो खुद को तुम पर कुर्बान करते हैं
आज तुम उनको आंखें दिखाते हो,
उन्होंने तुम्हें बड़ा किया
खुद भूखे रहकर तुम्हें खिलाते हैं
बीमार तुम्हारे होने पर
नींद अपनी गवाते है,
जो खुद की न सुनते थे
आज तुम्हारी सुनकर जाते हैं
जो कभी खूंखार शेर हुआ करते थे
आज तुम्हारी सुनकर शान्त रह जाते हैं
जरूरतें तुम्हारी पूरी करते करते
शौक़ अपने त्याग जाता है
और तुम उनसे पूछते हो
वो बाप तुम्हारे लिए क्या करता है?
भूल जाते हो तुम उन दिनों को
दिन रात मेहनत करके वो तुम्हारे लिए कमाता है
तुम्हारे खर्चे उठाते उठाते, अपने लिए
एक जोड़ी कपड़े लेना भूल जाता है,
और आज तुम उनसे पूछते हो
वो बाप तुम्हारे लिए क्या करता है?
सुनकर तुम्हारे इस प्रश्न को
वो शान्त रह जाते हैं
क्या बताएं वो तुम्हें कि तुम्हारे लिए
वो क्या क्या पीछे छोड़ आते हैं।
©shivanii
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