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"पिता के आँसु"

पिता की आँखो मैं आँसु कभी दिखते नहीं
जो हर मुसीबत मैं अपने आँसु छुपा ले पिता है वहीं
पिता अपने बच्चे के हर दुख,दर्द मैं आँसु बहाता हैं
लेकिन पिता का हर एक आँसु भाप बन जाता हैं
फिर वही भाप हिम्मत रूपी बादल बनकर बच्चे पर वर्षा करती हैं
फिर वहीं आँसु की बूँद हिम्म्त की वर्षा करके बच्चे के हर डर,दर्द और दुख को हरती हैं
ALWAYS LOVE AND RESPECT YOUR FATHER
-Vinita
©gopalshyam