वक़्त का ये दौर ,जल्दी से चला जाये
ना फिर मुड्के कभी, दोबारा जिन्दगी में आये
जो हुआ वो हसके सह रहे है, और सह लेंगे
पर जब भी इन पलो को याद करेंगे , हाथ कपकपायेगे
और हम फिर से मुंठी बन्द करके, हौटौ से मुस्करायेगे
....
ना आज हारे है, ना आगे हारेगे
हारी हुई बाजी को भी, जीत कर दिखायेगे ....
komalsoni✍
©komalsoni
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