R ramsewak en July 23, 2025 प्रेम मौन अगर कह न पायातो शब्द नही कह पायेगें।पढ़ न सके नैनो की भाषा तो आँसू कैसे पढ़ पायेगें।धड़कन धड़कन को सुन लेबस इतनी ही है प्रेम कथाकानों से सुनकर न कोईप्रेम इमारत गढ़ पायेगें। ©राम सेवक©ramsewak