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प्रेम ईश्वर -परमेश्वर

प्रेम मन प्रेम धन प्रेम ही है बाको धन ।
प्रेम सौं बाई पैवेकों गोपियाँ करें जतन ।

ज्ञान है वो ज्ञान का भक्तों का हे वो सपन।
प्रेम से बै पैवेकों सबकौ करो जतन।
©shivatomar