V

परिवार

जैसे समाया हो इन दिवारो में पुरा संसार,
मेरी जान मेरा विश्वास है मेरा परिवार।
अगर कोई पुछे की जिंदगी में क्या खोया और क्या पाया,
जो खोया वो नादानी थी और जो पाया वो मेहरवानी थी।
माँ तो सबकी होती हैं पर जाने क्यो लगता है ऐसा,
और सब तारे हैं मेरी माँ चाँद से भी प्यारे हैं,
पापा को तो है सबने पाया ऐसे क्यो लगता हैं उनमें भगवान समाया।
पाये होगे बहन और भाई ऐसा क्यो लगता है,
वो है सुन्दरता के गहने और उनको पाया है दुआओं में मैने,
परिवार तो होता है सबका प्यारा जहाँ मिलती है कोमल कलिया और संसार सारा।
परिवार है एक अद्भूत छाया जिसको कोई ना,
भुल पाया और यह अपने आप में है हम को समाया।
©vipinsarsw