V

पुलिस

सिस्की, सुरक्षा और अपराध हेतु पुलिस होती। 
खुद के स्वार्थ पे जगाती, जनता की जरूरत पे सोती।।
सोती पुलिस हुई को साधारण राम जगाने था गया। 
कुम्भकरण की इस बहन से नाक कटवा के आ गया।।
आया और चिल्लाया बचाओ पुलिस से भगवान। 
गलती से मैं समझ बैठा पुलिस के अंदर है इंसान।।
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©vikasgarg