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प्यार नही होता

देख मेरे यार ये प्यार व्यार कुछ नही होता
होता अगर प्यार इस जहाँ में तो तु किसी ग़ैर की बाहों में थोड़ी ना सोता
आज भी रोता है मेरा दिल आधी आधी रातो और कहता है
मुझ से देख यार हर यार वफ़ादार थोड़ी होता है
प्यार तो कर लेते है जवानी दहलीज़ कदम रखते ही
निकल जाए वही गलत तो वो हर किसी को ग़द्दार कहते है

प्यार तो कर ही लेते हो शादी से पहले किसी ओर से
फिर यु शादी के बाद जो जबरदस्ती साथ निभाते हो ना उसे किरदार कहते है
तुम तो चले जाते हो इल्ज़ामात लगाकर
बाद में मुझ जैसे इस दर्द भी को सहते है
टूट कर बिखर जाते है कुछ मेरी तरह फिर
वो ना किसी से कुछ कहेते है
जिस तरह में जीता हु तेरी यादो के सहारे जिंदगी
कुछ ही तो है जो मेरी तरह भी जीते है
Deepak sharma
©deepakshar