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राधा का प्रेम

है त्याग की प्रतिमा प्रेम का रूप है राधा।
जिससे कान्ह चमकता है वो छाओं सी धूप है राधा।
कान्ह अगर मोहन रूप है मोहिनी स्वरूप है राधा।
©shivatomar