यूँ राहें मोहब्बत की हमने चुनली ।
हमने खामोश आवाज़े दिल की सुनली ।
दिया हमने भी सिला वफाओं का और उमर
भर के वादे कसमे साथ निभाने की हमने
हमने चुनली।
जो पुकारा मोहब्बत ने हमे सुरली आवाज़ देकर
भुलाकर सारी दुनिया को दिलों की सुरीली
आवाज दिलों से सुनली।
©shivatomar
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