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राम नाम रस पीजिए, यह अमृत की खान, सच्चे मन से जो जप लिए, मिटै सब…

राम नाम रस पीजिए, यह अमृत की खान,

सच्चे मन से जो जप लिए, मिटै सब दुख-दर्द महान।

राम नाम ही धन है, और न जावै कुछ साथ,

मरण समय जो बोल दिए, कटै जन्म-जन्म के पाप।

राम बिना सब शून्य है, झूठा इस जग का मेल,

नाम सुमिरन जो कीजिए, कटै भवसागर की जेल।

राम नाम जहाज है, जो जपे वो तर जाए,

हरि भजन की औषधि, जो पिए वो भव-रोग मिटाए।

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