V

रात

तारों की छांव देकर तुम मुझे सुला देते हो,
चन्दा की चांदनी का झुला तुम झूला देते हो,
सिर पर फिरा कर प्यार भरा हाथ तुम सुला देते हो,
थकान मिटाने के लिए तुम हसीन ख्वाब देते हो,
रात होने पर तुम मुझे निद्रा की बाहों में लिटा देते हो,
रात के अंधेरे में भगवान तुम ही करीब आते हो।
विकास गर्ग
©vicky